युवा सेवा संघ - युवाओं का सच्चा मित्र
Pujya Sant Shri Asharamji Bapu established Yuva Sewa Sangh for all round development and upliftment of youth across country. 'युवा सेवा संघ' क्या है ?
आज के युवाओं के लिए युवा सेवा संघ वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा दूरदर्शिता से परिपूर्ण भारतीय संस्कृति को समझने तथा उसके अनुसार जीवन को उन्नत बनाने की कला सीखने का माध्यम है।
'युवा सेवा संघ' का उद्देश्य क्या है ?
जी
वन की कठिनाइयों का धैर्य एवं निडरता से सामना करने की क्षमता का विकास। युवावर्ग के लिए हितकारी पूज्य बापू जी के सत्संग प्रवचनों तथा अन्य महापुरुषों के उपदेशों का संकलन प्रदान करना।
'युवा सेवा संघ' की विशेषताएँ क्या है ?
जीवन की कठिनाइयों का धैर्य एवं निडरता से सामना करने की क्षमता का विकास। युवावर्ग के लिए हितकारी पूज्य बापू जी के सत्संग प्रवचनों तथा अन्य महापुरुषों के उपदेशों का संकलन प्रदान करना।
मनुष्य जीवन की वास्तविक माँग है सुख और इस सुख को पाने के लिए आज बुद्धिजीवियों ने कितने ही वैज्ञानिक आविष्कार कर दिये परंतु इन आविष्कारों से हम साधन-सुविधाओं के गुलाम बनते गये। हर तरफ इन सुविधाओं को पाने की होड़ लगी हुई है। इन्हें पाने की चिंता में ही जीवन तनावग्रस्त हो गया है। हो भी क्यों नहीं ? क्योंकि कभी न मिटने वाले शाश्वत सुख का खजाना तो ब्रह्मज्ञानी महापुरुषों के सत्संग व उनकी सेवा से ही मिलता है। वर्तमान में ऐसे सदभागी कम नहीं हैं जो ऐसे महापुरुषों को पहचान कर उनसे लाभान्वित होते हैं।
पूज्य बापू जी के सत्संग से, मंत्रदीक्षा से एवं उनके दैवी कार्यों में जुड़ने से करोड़ों लोग अपने जीवन में सुख, शांति व धन्यता का अनुभव कर रहे हैं। देश-विदेश के अनगनित युवा पूज्यश्री की प्रेरणा व मार्गदर्शन से अपना जीवन तेजस्वी बना रहे हैं। चाहे शैक्षणिक क्षेत्र हो, चाहे वैज्ञानिक, चाहे संगीत का क्षेत्र हो, चाहे आध्यात्मिक या फिर व्यावहारिक जगत ही क्यों न हो, हर क्षेत्र में पूज्य श्री से जुड़ा युवावर्ग सदाचार, सहिष्णुता एवं दृढ़ आत्मविश्वास के साथ प्रगतिपथ पर आगे बढ़ रहा है।
देश विदेश के अधिकतम युवाओं को पूज्य बापू जी के दिव्य आध्यात्मिक मार्गदर्शन का लाभ दिलाने हेतु तथा आत्मोन्नति के साथ-साथ समाजसेवा का दोहरा लाभ दिलाने हेतु ‘युवा सेवा संघ’ सतत कार्यशील रहता है।
आज के युवाओं के लिए वह युवा संघ वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा दूरदर्शिता से परिपूर्ण भारतीय संस्कृति को समझने तथा उसके अनुसार जीवन को उन्नत बनाने की कला सीखने का माध्यम बनता है । साथ ही युवानों के जीवन में यह एक सच्चे हितैषी मित्र एवं उत्तम मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है।
“हे युवाओ ! आपको जो कुछ शरीर से, बुद्धि से या आत्मा से कमजोर बनाये उसको विष की तरह तत्काल त्याग दो। वह कभी सत्य नहीं हो सकता। सत्य तो बलप्रद होता है, पावन होता है, ज्ञानस्वरूप होता है।” ~ परम पूज्य संत श्री आशारामजी बापू जी
पिछले कई वर्षों से असंख्य युवानों ने पूज्य बापूजी के संपर्क में आकर अपने जीवन में अस्चार्यजनक उन्नति की है और आज भी कर रहे हैं।जीवन में उत्तम संग, सत्साहित्य का अध्ययन, निष्काम, कर्मयोग तथा महापुरुषों का मार्गदर्शन हो तो हमारे लिए अपना लक्ष्य प्राप्त करना आसन हो जाता है। परन्तु आज के कंप्यूटर एवं विज्ञानं युग में दौड़भाग का स्पर्धात्मक जीवन जीनेवाले युवकों को ये चरों चीजें इकाट्ठी प्राप्त होना बड़ा ही दुर्लभ संयोग होगा।
युवकों के लिए यह दुर्लभ संयोग सुलभ बनाने हेतु परम पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की पावन प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से देश-विदेश में ‘युवा सेवा संघ’ का गठन किया गया है.. हरि ॐ !!