26/03/2024
कितने समय से बच्चो की शिक्षा में या जहा तक हो सके वह तक गरीब , बुजुर्ग और महिलाओं की सेवा में अपना योगदान दिया, और वो भी किसी बाहरी डोनेशन या किसी भी तरह को आर्थिक सहाय के बगैर. 👀
शायद ये ऊपरवाले की कृपा ही है की मुझे ये काम करने के काबिल समझा और मुझे ये मौका प्रदान किया, और शायद इसी लिए ही हमेशा ऊपरवाला ही ये निश्चित करता है की ये काम में कभी में नाकाम न हो जाऊ, बिना उसके प्रेरणा के, बिना उसकी सहाय के ये संभव कहा ..😇
जब मेरे ध्यान में लाया गया की कुछ बच्चे इस है गांव के, जिनके पिता अब इस दुनिया में नहीं, और मां मजदूरी करके मुश्किल से पेट भर रही हैं 😨😨
कुछ बच्चे ऐसे भी है जिनके माता पिता दोनो में से कोई नहीं और बूढ़े दादा या दादी के साथ जीवन व्यतीत कर रहे है,
एक महीने पहले जब हम मिले तब किसी के पैरो में जूते भी नही थे, ना ठीक से कपड़े, न पढ़ाई के लिए जरूरी सामान, 🙄🙄 हमने कोशिश की दिल से उनसे जुड़ने की, बता दिया हमने सब को आज से ये हमारे हुए 🤝 हम इनके हुए,
इन के जूते , कपड़े, और हर एक वो चीज जो बाकी बच्चो के पास है, वो इनके पास भी हो, वो देखना अब हमारा काम हैं 🤞🏻
और सब से बड़ी बात कुछ करनी ही, कुछ देना है तो वो है अपनापन, हम है, हमेशा है और वो अब अकेले नहीं है वो वाला एहसास😊😊
पिछले महीने जूते और पढ़ाई का सामान लेके गए और आज नए नए कपड़े🥳🥳
जितनी खुशी मुझे मिली उसको बयान करना भी काम पड़ रहा है 🥰🥰🥰
मेरे ये छोटे छोटे बच्चे बच्चियां आज कोई राजकुमार और राजकुमारी से कम नहीं दिख रहे 👩🏻🎤👰🏻♀
आज फिर से ऊपरवाले का शुक्रिया, ये काम मुझे देने के लिए 🙏🏻🙏🏻😊