21/02/2026
नई दिल्ली | 20 फरवरी 2026
Voices of Bharat: Yuva for Sustainability द्वारा आयोजित 3rd Yuva Sustainability Conference & Awards 2026 का भव्य आयोजन India Habitat Centre में संपन्न हुआ। इस वर्ष का विषय था — “Building Sustainable Futures: Turning Vision into Values”।
देशभर से आए शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों एवं युवाओं की उपस्थिति में प्रख्यात पर्यावरणविद् एवं सामाजिक चिंतक डॉ. अनिल प्रकाश जोशी को विशिष्ट वक्ता (Invited Speaker) के रूप में आमंत्रित किया गया।
अपने उद्बोधन में डॉ. जोशी ने कहा कि “सस्टेनेबिलिटी” को केवल एक वैश्विक शब्द के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा के अनुरूप “समृद्धि” के रूप में समझना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समृद्धि का अर्थ केवल आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन और जन के बीच संतुलन स्थापित करना है।
उन्होंने जलवायु परिवर्तन, असमय मौसम बदलाव, जल संकट और मिट्टी की घटती उर्वरता पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि विकास प्रकृति को क्षति पहुँचाता है, तो वह विकास नहीं बल्कि विनाश है। भारत को पश्चिमी मॉडल की अंधी नकल से बचते हुए स्वदेशी, प्रकृति-अनुकूल तकनीक विकसित करनी होगी, जो जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को प्राथमिकता दे।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल विचार-विमर्श तक सीमित न रहें, बल्कि व्यवहारिक पहल कर प्रकृति संरक्षण को जन-आंदोलन बनाएं। उन्होंने कहा, “समृद्धि हमारा सम्मान है, और इसे सुरक्षित रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”