25/03/2026
राजस्थान, वह धरती जो वीरों की गाथाओं से सजी है,
राजस्थान, वह धरती जो संस्कृति रंगों से सजी है,
राजस्थान, वह धरती जहां लोकगीत कानों में गूंजते है,
राजस्थान, वह धरती जहां परंपरा रगो में बसती है।
पग-पग पर इतिहास की खुशबू है जहां,
बड़ों को मान ओर छोटों को मिलता प्यार जहां,
राजस्थान की मिट्टी सिखाती है सभी से मीठा बोलना,
आदर देते,स्वागत करते है, पर हमे नहीं आता कड़वा बोलना।
रेगिस्तान की तपती रेत में भी अपनापन खिलता है,
राजस्थान की परंपरा में हर रिश्ता दिल से मिलता है।
ऐसा ही दिलों का रिश्ता गणगौर उत्सव में देखने को मिला जहां प्रेम, सौभाग्य, आस्था ओर समाज की वरिष्ठ महिलाओं द्वारा राजस्थान प्रवासी संघ Ghana, ने एक सुंदर आयोजन किया।
सुहागिनें मां गौरी माता की पूजा बड़े भक्ति भाव से, पूर्ण श्रृंगार से, अपनी पारंपरिक वेशभूषा में,
अपने बुजुर्गों के आशीर्वाद के साथ, सुंदर ढंग से आयोजित किया।
रंग-बिरंगे वस्त्र, लोकगीत और घूमर की मधुर थाप, Accra की हवाओं में छा गई ।
गणगौर केवल त्योहार नहीं, एक भावना है खास,जो जोड़ती है प्रेम, श्रद्धा और संस्कृति का विश्वास।
जो एक बार RPSG से जुड़ जाता है, वो राजस्थानी संस्कृति का हो जाता है।
इस सुंदर आयोजन के लिए RPSG की महिलाओं का बहुत बहुत धन्यवाद।
धनी ख़म्मा।